UP के बाद MP में दलित महिला के साथ गैंगरेप, पुलिस ने FRI की जगह दी गाली गलौज तो पीड़िता ने लगा ली फांसी

उत्तर प्रदेश में दलित लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार मामले ने पूरे देश में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने इस मामले में मृत पीड़िता का बिना क्रियाक्रम के ही अंतिम संस्कार किया था। जिससे लोगों में आक्रोश फैला। ठीक इसी तरह से मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में भी मामला सामने आया है। नरसिंहपुर जिले में भी दलित महिला के साथ गैंगरेप हुआ। पीड़ित महिला ने एफआईआर दर्ज करने के लिए थाने गई। लेकिन पुलिस ने FRI दर्ज नहीं की। पीड़िता 4 दिनों तक चक्कर लगाती रही। पुलिस वालों ने FRI दर्ज नहीं कि लेकिन बदले में पीड़िता और उसके परिजनों को बहुत ही गंदे ढंग से गाली-गलौज की और पैसे भी मांगे। इतना सब कुछ हो जाने के बाद पीड़िता से सहा नहीं गया तो उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अब इस मामले का जिम्मेदार कौन है, रेप करने वाले आरोपी या पुलिस प्रशासन? क्या देश में पुलिस प्रशासन को अपनी मन मर्जी करने का अधिकार दे दिया गया है। जनता का सरकार से ये सवाल हैं। जब इस मामले की खबर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को मिली तो उन्होंने एडिशनल एसपी और एसडीओपी को हटाने के आदेश जारी कर दिए। यही नहीं FRI नहीं दर्ज करने वाले चौकी प्रभारी के खिलाफ गिरफ्तार करने का निर्देश भी दिया है। जानकारी के लिए बता दें कि यह मामला 28 सितंबर का है। मीडिया को पीड़िता के परिजनों ने बताया कि नरसिंहपुर के रिछाई गांव में महिला खेत में घास काटने गई थी और अकेली महिला को देख पड़ोसियों ने मिलकर गैंगरेप किया। अंत में उसने आत्महत्या कर ली।
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