चीन से मिलकर भारत को बर्बाद करने पर तुला है ये संगठन, कोरोना के बाद अब कौनसी मुसीबत लाएगा चाइना

चीन, पाकिस्तान भारत को नुकसान पहुँचाने के लिए हर वक्त फिराक में रहते हैं। हाल केंद्र चौंकाने वाली घोषणा की है कि परेश बरुआ के नेतृत्व वाले उल्फा-आई वर्तमान में चीन के युन्नान प्रांत में है। वहां से वह भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। जो हमारे देश के लिए खतरा है। केंद्र ने गुवाहाटी में गैरकानूनी गतिविधियों ट्रिब्यूनल के सामने एक हलफनामा प्रस्तुत किया है। उसमें उल्फा-आई संगठन पड़ोसी देश से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है, के बारे में बताया है। जानकारी दे दें कि उल्फा-आई के प्रमुख को म्यांमार सीमा के साथ चीन के दक्षिणी हिस्से में स्थित रुइली में रहने की अनुमति दी गई है। बता दें कि कई कैडर है जो इस संगठन को छोड़ चुके हैं। इसी बारे में असम सरकार ने प्रस्तुत किया है कि 28 जनवरी, 2019 से ताकगा में भारतीय विद्रोही शिविरों के खिलाफ म्यांमार सेना के अभियानों के परिणामस्वरूप, उल्फा-आई के लुंगमार्क, टका और नीलगिरि शिविरों को खत्म किया गया था।इस संगठन के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए MHA ट्रिब्यूनल और असम गृह विभाग के एक प्रतिनिधि द्वारा गौहाटी उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार डेका की अगुवाई में न्यायाधिकरण के समक्ष एक हलफनामा प्रस्तुत किया गया है, जिसमें बताया गया है कि उल्फा-आई संगठन को यूए (पी) अधिनियम के तहत गैरकानूनी घोषित करने के लिए सबूत काफी नहीं हैं।
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