जिला अस्पताल का नहीं हुआ कायाकल्प, सांत्वना पर अटकी गाड़ी
खंडवा.
प्रदेश मेें स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कायाकल्प अभियान 2019-20 के परिणाम की घोषणा गुरुवार को की गई। जिला अस्पताल खंडवा इस बार भी कायाकल्प अभियान में फिसड्डी साबित हुआ और सांत्वना पुरस्कार से संतोष करना पड़ा। वहीं, सीएचसी की श्रेणी में जिले के किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को कोई पुरस्कार नहीं मिला है। जबकि पीएचसी की श्रेणी में जावर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ने 1.5 लाख का पुरस्कार प्राप्त किया है।
गुरुवार को कायाकल्प अभियान में जिला अस्पताल की श्रेणी में प्रथम स्थान पर शिवनी को 40 लाख, दूसरे स्थान पर भिंड को 10 लाख और तीसरे स्थान पर बैतूल को 8 लाख तथा तेजी से सुधार करने के लिए अनूपपुर को 5 लाख रुपए का पुरस्कार मिला है। खंडवा जिला अस्पताल सांत्वना पुरस्कारों की सूची में भी 10वें स्थान पर है। हालांकि सांत्वना पुरस्कार 2.5 लाख रुपए प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों को मिला है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की सूची में जिले के सातों ब्लॉक का कोई भी सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) कायाकल्प की कसौटी पर खरा नहीं उतर पाया है। जिले की 31 पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) की सूची में जिले में एकमात्र जावर पीएचसी ने इस श्रेणी में 1.5 लाख का पुरस्कार जीता है।
उल्लेखनीय है कि कायाकल्प अभियान की शुरुआत में जिला अस्पताल ने वर्ष 2015-16 में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया था। इसके बाद वर्ष 2016-17 और 2017-18 में जिला अस्पताल खंडवा तृतीय स्थान पर रहा था। इसके बाद वर्ष 2018-19 में खिसककर सांत्वना की श्रेणी में पहुंच गया था। पिछले अनुभव से जिला अस्पताल प्रबंधन ने कोई सबक नहीं लिया और साफ-सफाई, वेस्ट मैनेजमेंट आदि मामलों में पिछड़ गया और इस बार भी उसे सांत्वना पुरस्कार से संतोष करना पड़ रहा है।
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