बिहार में बाढ़ का कहर, अब तक 25 की मौत, 77 लाख से ज्यादा आबादी पर बड़ा संकट

नेपाल और बिहार के अधिकांश जलग्रहण क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण राज्य की सात नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने से अबतक 77.77 लाख आबादी बाढ़ की चपेट में आ चुकी है, वहीं 25 लोगों की मौत हो गई है। केंद्रीय जल आयोग की ओर से नदियों के दैनिक जलस्तर और बाढ़ पूर्वानुमान के जारी आंकड़े के अनुसार, बिहार में बागमती नदी का जलस्तर चार स्थान पर, बूढ़ी गंडक तीन स्थान पर, कोसी दो तथा घाघरा, गंडक, अधवारा और परमान नदी का जलस्तर एक-एक स्थान पर खतरे के निशान से ऊपर रिकॉर्ड किया गया है। बिहार में बागमती नदी सीतामढ़ी जिले के ढेंग ब्रिज में 20 सेंटीमीटर, मुजफ्फरपुर जिले के रुन्नीसैदपुर में 119 सेंटीमीटर एवं बेनीबाद में 83 सेंटीमीटर, दरभंगा के हायाघाट में 201 सेंटीमीटर तथा बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर समस्तीपुर में 79 सेंटीमीटर, रोसड़ा में 215 सेंटीमीटर और खगड़यिा में 60 सेंटीमीटर, घाघरा दरौल में 12 सेंटीमीटर, गंडक गोपालगंज के डुमरियाघाट में 100 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। वहीं, अधवारा समूह दरभंगा के एकमीघाट में 172 सेंटीमीटर, कोसी नदी खगड़िया के बलतारा में 194 सेंटीमीटर, कटिहार के कुरसेला में 13 सेंटीमीटर तथा परमान नदी अररिया में खतरे के निशान से 38 ऊपर है। मौसम विज्ञान विभाग ने अपने पूर्वानुमान में बताया कि 17 अगस्त तक बिहार के सभी जलग्रहण क्षेत्र में वज्रपात और गरज के साथ हल्की से साधारण वर्षा होने की संभावना है। वहीं, पिछले चौबीस घंटे के दौरान लालबेगिया घाट में 16 सेंटीमीटर, मोतिहारी में 12 सेंटीमीटर, ठाकुरगंज में 10 सेंटीमीटर, गलगलिया में नौ सेंटीमीटर तथा इस्लामपुर, उत्तरी कटिहार एवं अरवल में आठ-आठ सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि राज्य में अबतक 16 जिले सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, खगड़यिा, सारण, समस्तीपुर, सीवान, मधुबनी, मधेपुरा और सहरसा के 128 प्रखंड की 1282 पंचायत की 77 लाख 77 हजार 56 आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 33 टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से पांच लाख 47 हजार 804 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। वर्तमान में सात राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जिनमें लगभग 12479 लोग रह रहे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चलाई जा रही 1006 सामुदायिक रसोई में प्रतिदिन लगभग आठ लाख 17 हजार 636 पीड़ित भोजन कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अलग-अलग कारणों से अबतक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से सबसे अधिक दरभंगा में 11, मुजफ्फरपुर में छह, पश्चिम चंपारण में चार तथा सारण और सीवान में दो-दो व्यक्ति शामिल हैं। इसी तरह अलग-अलग जिले में 75 पशु की मौत हो चुकी है। बाढ़ पीड़ित परिवारों को छह-छह हजार रुपये प्रति परिवार की दर से राहत राशि का भुगतान किया जा रहा है। राशि अंतरण की सूचना एसएमएस के माध्यम से पीड़ित परिवारों को दी जा रही है।
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