खुलासाः प्रकृति को छेड़ा इसलिए इंसान की हो रही मौत

दुनिया में कोरोना वायरस की महामारी ने सभी देशों की हालात खराब कर दिए हैं। इसके कारण से आर्थिकव्यवस्था चरमरा गई है। हजारों लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। और इसका सिलसिला जारी है। अगर देखा जाए तो इसका घौर बर्बादी का इंसान खुद ही जिम्मेदार हैं। एक शोध में दावा किया गया है कि शिकार, खेती और बड़ी संख्या में लोगों के शहरों की तरफ पलायन की वजह से जैव-विविधता में बड़े पैमाने पर कमी आई है इसी कारण से लोगों का वन्य जीवों के साथ सीधा संपर्क बढ़ता गया।यही वजह है कि Covid-19 जैसे वायरस अब इंसानों पर भारी हो गए हैं। शोध में इस बात की संभावना जताई गई है कि कोरोना वायरस महामारी वन्य जीवों के साथ मनुष्यों के ज्यादा संपर्क बढ़ने की वजह से फैली है। इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के वैज्ञानिकों ने इस बात का पता लगाया है कि कौन से जानवर मनुष्यों में ज्यादा वायरस फैलाते हैं। शोध के मुताबिक कई सालों से 142 वायरस जानवरों से इंसानों में फैल रहे हैं। वैज्ञानिकों ने इन वायरसों का अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (International Union for Conservation of Nature) की खतरे वाली प्रजातियों की लाल सूची से मिलान कियाहै। जैसे की हम जानते हैं कि गाय, भेड़, कुत्ते और बकरियों जैसे पालतू जानवरों से मनुष्यों में सबसे अधिक वायरस जआते हैं। वो जंगली जानवर, जो मनुष्यों के वातावरण में अच्छे से ढल जाते हैं, वहीं लोगों में वायरस को फैलाने का काम करते हैं। चूहे, गिलहरी, चमगादड़ और सभी स्तनधारी जीव अक्सर लोगों के बीच, घरों और खेतों में रहते हैं। जो कि मिलकर करीब 70 फीसदी वायरस फैलाते हैं इसी के साथ सार्स, निपाह, मारबर्ग और इबोला जैसी बीमारियां अकेले चमगादड़ ही फैलाने में सक्षम हैं।Follow @dailynews360 Tweets by dailynews360
from Daily News : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3aUWdxp
कोई टिप्पणी नहीं