कोरोना इफेक्ट! यहां पर हजारों लीटर बियर नाली में बहा रही कंपनियां

कोरोना वायरस की वजह से देशभर में लॉकडाउन जारी है। इस बीच दिल्ली-एनसीआर की माइक्रोब्रुअरीज हजारों लीटर ताजा बियर को नालियों में बहाने के लिए मजबूर हैं। अब तक एनसीआर में करीब 1 लाख लीटर तक फ्रेश बियर को बहाया जा चुका है। इसके पीछे की वजह ये है कि बीयर को खराब होने से बचाने में इसकी कीमत से कहीं ज्यादा लागत आ रही है, इसलिए बियर प्लांट इसे बहाने के लिए मजबूर हैं। Tweets by dailynews360 बताया गया है कि बोतलबंद बियर के उलट फ्रेश बियर बहुत कम समय तक ठीक हालत में रह पाती है। ब्रुअरी कंसल्टेंट्स के मुताबिक बियर को फ्रेश रखने के लिए प्लांटों को उसे एक निश्चित तापमान पर रखना पड़ता है और हर रोज उसकी मॉनिटरिंग भी जरूरी होती है। आपको बता दें कि 4 हफ्ते पहले जब लॉकडाउन का ऐलान हुआ था तब ज्यादातर बियर प्लांट अपनी पूरी क्षमता पर भरे हुए थे। तब से ही कंपनियां अपने स्टॉक का रखरखाव कर रही हैं। लेकिन ब्रुअर्स का कहना है कि मुसीबत सिर्फ लॉकडाउन तक ही नहीं है। लॉकडाउन के बाद भी कस्टमर वायरस के डर और सोशल डिस्टेंसिंग की चिंताओं की वजह से पहले जैसे ही बियर की दुकानों पर लौटेंगे, इसकी संभावना कम है। हालांकि कंपनियां बियर की होम डिलिवरी की इजाजत मांग रही थीं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस वजह से ब्रुअरी ओनर्स को बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा है। यहां तक कि एक्साइज डिपार्टमेंट भी सिर्फ शराब की दुकानों को खोलने की बात कर रहा है जबकि उनके प्रॉडक्ट्स लंबे समय तक खराब नहीं होते।अब तक कई कंपनियां अतिरिक्त बिजली की जरूरत और मैनपावर कॉस्ट की वजह से हजारों लीटर बीयर बहा चुकी हैं। इससे ब्रुअर्स को न सिर्फ प्रॉडक्शन कॉस्ट का नुकसान होने जा रहा है बल्कि लाइसेंस फी और ड्यूटी का भी नुकसान हुआ है, जिसका उन्होंने अडवांस में भुगतान कर दिया है।Follow @dailynews360
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