नोटों से नहीं फैल सकता कोरोना वायरस, जानिए क्या है राज

कोरोना वायरस को देखते हुए पूरे भारत देश में 21 दिनों का लॉकडाउन लगा दिया गया है। ऐसे में कई लोगों के जेहन में कोरोना के संक्रमण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मसलन कोरोना क्या न्यूजपेपर से फैल सकता है? क्या कोरोना का संक्रमण ऑनलाइन शॉपिंग के सामान से हो सकता है? ऐसा ही एक सवाल है कि क्या बैंक नोटों से कोरोना का वायरस फैल सकता है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं सच्चाई क्योंकि आप अफवाहों पर ध्यान नहीं दें।नोटों के प्रबंधन से जुड़ी नियामक संस्था करंसी साइकल असोसिएशन (CCA) ने साफ किया है कि बैंक नोटों से कोरोना वायरस फैलने का खतरा नहीं है। सीसीए की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, बैंकिंग इंडस्ट्री में चल रही कुछ अडवाइजरी में कहा जा रहा है कि बैंकों के नोट के जरिए कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा है। लेकिन सीसीए स्पष्ट करता है कि नोटों के प्रबंधन के संबंध में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के हिसाब से यह दावा गलत है। बैंक करंसी से कोरोना संक्रमण नहीं फैलता है। सीसीए ने अपने बयान में कहा है कि कैश अधिकारियों को नोटों की लेन-देन और एटीएम में इसके प्रबंधन के दौरान सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के निर्देश हैं। यहीं नहीं एटीएम के अंदर कैश लोड करने के बाद उनके कीपैड को भी सैनिटाइज किया जाता है, ऐसे में कोरोना वायरस का खतरा नहीं है। पुराने नोटों के इस्तेमाल को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि अगर आप संक्रमित कैश के संपर्क में आते हैं तो उसकी लेन-देन के बाद अपने हाथ धोकर संक्रमण की संभावना को टाला जा सकता है। WHO ने कहा था कि जिन देशों में कोरोना संक्रमण फैला है, वहां के लोग कैश या सिक्के हाथ में लेने के बाद अपने चेहरे, मुंह, नाक, कान या आंख को ना छुएं। इसके बाद पहले उन्हें अपने हाथों को साबुन से धोना चाहिए। लिहाजा नोटों का इस्तेमाल करने के बाद हाथ जरूर धो लेना चाहिए।
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