Breaking News

इस महर्षि ने 12000 साल पहले ही बता दिया था! ऐसे लोगों का अचानक से डूब जाता है पैसा


यस बैंक को फंसे अपने पैसे को लेकर अभी लोगों में हाहाकार मचा हुआ है और आंशका बनी हुई है कि उनका पैसा अब वापस कैसे मिलेगा। हालांकि यस बैंक के ग्राहकों पर 50 हजार तक पैसे निकालने पर यह रोक सिर्फ एक महीने के लिए ही है उसके बाद रिजर्व बैंक कुछ नई व्यवस्था कर सकता है। लेकिन यह बात चौंकाने वाली है कि अचानक से क्यों कई लोगों का पैसा डूब जाता है। वास्तु और ज्योतिष के अनुसार कई कारण हो सकते हैं। यह बात आज से 12000 साल पहले ही महर्षि मनु ने अपने द्वारा लिखे धार्मिक ग्रंथ मनुस्‍मृति में बता दी थी कि किन लोगों का पैसा डूब जाता है। तो आईए जानते क्यों होता है ऐसा...भारतीय संस्‍कृति में पुराणों के बाद मनुस्‍मृति का विशेष महत्‍व है। इसका कारण यह है कि इसमें मानव जीवन के प्रत्‍येक पहलू का वर्णन दिया गया है। इसमें यह भी उल्‍लेख किया गया है कि मनुष्‍यों को किस परिस्थिति में कैसा व्‍यवहार करना चाहिए। खास बात यह है कि मनुस्‍मृति में दर्ज बातों को न केवल आध्‍यात्मिक तौर पर बल्कि वैज्ञानिक तौर पर भी सही माना गया है। ऐसे ही कुछ कार्य हैं जिनकों मनुस्‍मृति में भूल से भी नहीं करने के लिए कहा गया है क्योंकि इनसे धम और स्वास्थ्य दोनों की हानि होती है।मनुस्‍मृति में बताया गया है कि पूजा करते समय हमेशा आसन का प्रयोग करना चाहिए। लेकिन इस बात का खास ख्‍याल रखना चाहिए कि आसन फटा हुआ न हो। धार्मिक मान्‍यताओं के मान्‍यताओं के अनुसार फटे आसन पर बैठने से लक्ष्‍मी की हानि होती है। यानी कि जमीन के संपर्क में रहने से एनर्जी का लॉस होता है और व्‍यक्ति बीमार हो सकता है। इससे धन की हानि होती है।मनुस्‍मृति के मुताबिक मिट्टी से बनी किसी भी वस्‍तु को कभी भी हाथ से न तोड़ें। धार्मिक मान्‍यताओं के अनुसार इससे भी लक्ष्‍मी की हानि होती है। धार्मिक मान्‍यताओं के अनुसार इससे दूर्वा अपवित्र हो जाती है। लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसके पीछे यह तर्क है कि नाखूनों में मिट्टी चली जाती है। क्‍योंकि मिट्टी में कई तरह के कीटाणु होते हैं इसलिए बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है।मनुस्‍मृति में यह भी बताया गया है कि कभी भी दूसरों की चुगली नहीं करनी चाहिए। साथ ही मन में किसी के प्रति किसी भी तरह की दुर्भावना नहीं होनी चाहिए। धार्मिक मान्‍यताओं के अनुसार ऐसा करने से व्‍यक्ति के सभी पुण्‍य कर्मों का नाश हो जाता है। इसलिए कभी भी किसी भी परिस्थिति में किसी की निंदा करने से बचना चाहिए।अब हम twitter पर भी उपलब्ध हैं। ताजा एवं बेहतरीन खबरों के लिए Follow करें हमारा पेज : https://twitter.com/dailynews360

from Daily News : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2PSonjT

कोई टिप्पणी नहीं