Breaking News

आरक्षण लेकर सरकारी नौकरी करने वालों को झटका! सुप्रीम कोर्ट ने दिया इतना बड़ा फैसला


आरक्षण लेकर सरकारी नौकरी करने वालों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने बड़ा झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सरकारी नौकरियों में प्रमोशन के लिए कोटा या आरक्षण की मांग करना मौलिक अधिकार नहीं है। जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस हेमंत गुप्ता की बेंच ने कहा है कि सरकारी सेवा में कुछ समुदायों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व न दिए जाने का आंकड़ा सामने लाए बिना राज्य सरकारों को ऐसे प्रावधान करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। राज्य सरकार के विवेक पर निर्भर करता है कि वो उन्हें प्रमोशन में आरक्षण देना चाहती है या नहीं। सर्वोच्च अदालत ने उत्तराखंड सरकार की अपील पर यह फैसला सुनाया है।सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अनुच्छेद 16 (4) और 16 (4-ए) आरक्षण लागू करने की शक्ति जरूर देता है, लेकिन यह तभी हो सकता है जब राज्य सरकार यह मानती हो कि सरकारी सेवाओं में कुछ समुदायों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है। बेंच ने यह भी कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि राज्य सरकार आरक्षण देने को प्रतिबद्ध नहीं है। लेकिन किसी व्यक्ति द्वारा इसको लेकर दावा करना मौलिक अधिकारों का हिस्सा नहीं है और न ही इस संबंध में कोर्ट राज्य सरकार को कोई आदेश जारी कर सकता है।सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से उत्तराखंड हाईकोर्ट के 2012 में दिया गया फैसला निष्प्रभावी हो गया, जिसमें विशेष समुदायों को कोटा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार को आदेश दिया गया था। उस समय वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल, कोलिन गोंजाल्विस और दुष्यंत दवे ने दलील दिया था कि अनुसूचित जाति/जनजातियों के लिए अनुच्छेद 16 (4) और 16 (4-ए) के तहत विशेष प्रावधान करना राज्य सरकार का कर्तव्य है।अब हम twitter पर भी उपलब्ध हैं। ताजा एवं बेहतरीन खबरों के लिए Follow करें हमारा पेज : https://twitter.com/dailynews360

from Daily News : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/31FcjY1

कोई टिप्पणी नहीं