आखिरकार डिस्चार्ज हो गई तीरंदाज शिवांगनी, लापरवाही के चलते गले में लगा था तीर

असम की तीरंदाज शिवांगनी को 12 दिन बाद एम्स से डिस्चार्ज कर दिया गया है। शिवांगनी को असम के साई सेंटर में अभ्यास के दौरान 8 जनवरी को गले में तीर लग गया था। उन्हें इलाज के लिए 9 जनवरी को एयर लिफ्ट कर दिल्ली एम्स लाया गया था। यहां 11 जनवरी को आपरेशन कर तीर निकाला गया था। डॉक्टरों ने शिवांगनी को कुछ दिन आराम की सलाह दी है। इसके बाद वे फिर से प्रैक्टिस शुरू करेंगी। बता दें कि असम की 12 साल की तीरंदाज शिवांगिनी गोहेन के साई केंद्र में दुर्घटनावश तीर लगने से घायल होने को राज्य तीरंदाजी संघ ने लापरवाही की घटना करार दिया था। संघ ने कहा था कि शिवांगिनी बिना किसी की देखरेख में अभ्यास कर रही थी और यह घटना स्थानीय कोच और अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा है।ज्ञात हो कि यह घटना तब घटी जब भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के गुवाहाटी में क्षेत्रीय केंद्र के अंतर्गत आने वाले दखा देवी रासीवासिया कालेज में अभ्यास केंद्र में वह ट्रेनिंग कर रही थीं। घटना के बाद उन्हें दिल्ली ले जाया गया और एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया।असम तीरंदाजी संघ के संयुक्त सचिव और राज्य ओलंपिक संघ के कार्यकारी सदस्य पुलिन दास ने कहा था कि साई का अनुबंधित कोच मार्सी खेलो इंडिया के लिए गुवाहाटी जा चुका है। उन्होंने अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों को कुछ समय के लिए शिविर रोकने का निर्देश नहीं दिया और न ही कालेज के प्रधानाचार्य अभ्यास की देखरख के लिए मौजूद थे, जिसके चलते ये घटना हुई है। वहीं डॉक्टर वी अग्रवाल ने कहा बताया था कि तीर शिवांगिनी की गर्दन में घुस गया था। जख्म काफी गहरा था इसलिए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया गया था।ज्ञात हो कि शिवांगिनी स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) की ट्रेनी हैं लेकिन वह खेलो इंडिया गेम्स का हिस्सा नहीं थीं। अब हम twitter पर भी उपलब्ध हैं। ताजा एवं बेहतरीन खबरों के लिए Follow करें हमारा पेज : https://twitter.com/dailynews360
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