खुशखबरी: दोहरे Tax का बोझ खत्म कर सकती है मोदी सरकार, होगा इतना बड़ा फायदा

मोदी सरकार कंपनियों को बड़ी राहत देने के लिए दो बड़े टैक्स खत्म करने पर बड़ा फैसला ले सकती है। जानकारी के मुताबिक, मिनिमम अल्टरनेट टैक्स और डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स को हटाने पर फैसला लिया जा सकता है। दरअसल सरकार को डायरेक्ट टैक्स में सुधार से जुड़ी रिपोर्ट सौंपी दी गई है। इसमें कमाई पर दोहरे टैक्स का बोझ खत्म करने जैसी अहम सिफारिशें हैं। सरकार इससे पहले जीएसटी लाकर इनडायरेक्ट टैक्स सुधारों को पहले ही लागू कर चुकी है। आपको बता दें कि डीडीटी हटने से आम निवेशकों को क्या फायदे होंगे। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक ये टास्क फोर्स इस रिपोर्ट में डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) को पूरी तरह से हटाने की सिफारिश कर सकती है।आपको बता दें कि जब कंपनियां डिविडेंड देती हैं 15 फीसदी DDT लगता है। DDT के ऊपर 12 फीसदी सरचार्ज और 3 फीसदी एजुकेशन सेस लगता है। इस तरह कुल मिलाकर DDT की प्रभावी दर 20.35 फीसदी हो जाती है।सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक ये टास्क फोर्स मिनिमम अल्टरनेटिव टैक्स (MAT) पूरी तरह से हटाने की भी सिफारिश कर सकती है। अभी कंपनी के बुक प्रॉफिट पर 18.5 फीसदी MAT लगता है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 115JB के तहत MAT लगता है। इसके अलावा कॉरपोरेट टैक्स की दर 25 फीसदी करने और इनकम टैक्स की दरों और स्लैब में बड़े बदलाव की भी सिफारिश हो सकती है।अपने शेयरधारकों को डिविडेंड देने से पहले भारतीय कंपनियों को 15 फीसदी डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (डीडीटी) देना पड़ता है। कंपनियों पर भारत सरकार यह टैक्स लगाती है।किसी वित्त वर्ष में घरेलू कंपनी से मिले 10 लाख रुपये तक के डिविडेंड पर टैक्स से छूट मिलती है। यानी निवेशक को इस पर टैक्स नहीं देना पड़ता है।किसी विदेशी कंपनी को अपने शेयरधारकों को दिए गए डिविडेंड पर डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स का भुगतान करने से छूट दी जाती है। वहीं, विदेशी कंपनी से प्राप्त डिविडेंड निवेशकों के लिए टैक्सेबल होता है। इसे अन्य स्रोतों से आय के तहत लिया जाता है। इस पर लागू दरों के अनुसार टैक्स वसूला जाता है।म्यूचुअल फंडों से मिला डिविडेंड निवेशकों के लिए टैक्स फ्री है। लेकिन, उन्हें डेट फंडों के लिए 25 फीसदी की दर से डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (29.12 फीसदी सरचार्ज और सेस के साथ ) देना पड़ता है।इक्विटी फंडों के लिए यह 10 फीसदी (11.64 फीसदी सरचार्ज और सेस सहित) है।
from Daily News : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2z7nPOx
कोई टिप्पणी नहीं