दिखने लगा मंदी का असर, महिंद्रा ने 1500 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला, पढ़ें पूरी खबर
नई दिल्ली: ऑटोमोबाइल सेक्टर पिछले 2 दशकों के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। कंपनियों के लगातार प्रोडक्ट्स लॉन्च करने के बावजूद उन्हें खरीदने वाले नदारद है। मंदी के इस दौर का असर अब लोगों की जिंदगियों पर दिखने लगा है। मांग में कमी के चलते ऑटो उद्योग में लगभग 2 लाख से ज्यादा लोग अपनी रोजी-रोटी गंवा चुके है। मारुति के बाद अब महिंद्रा एंड महिंद्रा ने भी अपने 1500 अस्थायी कर्मचारियों को कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के एमडी पवन गोयनका ने कहा, ‘1 अप्रैल से अब तक हमने करीब 1500 अस्थायी कर्मचारियों को काम से हटा दिया है। हम कोशिश कर रहे हैं कि कर्मचारियों को ना हटाना पड़े लेकिन मंदी जारी रहने के हालात में हमें और लोगों को भी काम से हटाने पर मजबूर होना पड़ेगा।
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आपको मालूम हो कि इससे पहले इससे पहले देश की सबसे बड़ी यात्री वाहन निर्माता मारुति सुजुकी ने करीबन 3000 अस्थायी कर्माचारियों की छंटनी की थी।
ऑटो इंडस्ट्री में जुलाई महीने में सभी वाहनों की बिक्री 18.71 फीसदी गिरकर 18 लाख 25 हजार इकाई रही। जबकि बीते साल जुलाई महीने में 22 लाख 45 हजार वाहन बेचे गए थे। यह पिछले 19 साल में सबसे बड़ी गिरावट रही। यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि अक्टूबर 2018 के बाद से ही ऑटो इंडस्ट्री में गिरावट का सिलसिला जारी है। तमाम कोशिशों के बाद भी ऑटो उद्योग बिक्री में लगातार आ रही गिरावट से निकलने में नाकामयाब रहा है।
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प्रोडक्शन में कमी कर रही है कंपनियां- मंदी की वजह से कंपनियां प्लांट्स पर कं प्रोडक्शन कर रही हैं। अभी हाल ही में होंडा ने 4 दिनों के लिए प्रोडक्शन रोक दिया था तो वहीं टोयोटा ने भी अपने कर्नाटक प्लांट में इनोवा क्रिस्टा और फॉर्च्यूनर के उत्पादन में कटौती की है। कंपनी के डिप्टी मैनेजर (सेल एंड सर्विस) एन. राजा ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि बेंगलुरु का प्लांट अपनी 50-55 फीसदी क्षमता पर ही ऑपरेट किया जा रहा है। कंपनी ने अगस्त में 4 दिन के लिए प्लांट पर प्रोडक्शन बंद कर दिया है।
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वहीं, कोरियाई कंपनी ह्यूंडई ने भी चेन्नई में अपने प्रोडक्शन में कटौती की है। कंपनी ने 9 अगस्त को की गई घोषणा में कहा कि बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए पैसेंजर कार, पावरट्रेन सिस्टम और संबंधित सपोर्ट डिपार्टमेंट में अलग-अलग समय के दौरान प्रोडक्शन नहीं किया जाएगा।
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