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Tata Nano को नहीं मिल रहे ग्राहक, फरवरी से अब तक नहीं मिला एक भी ग्राहक

नई दिल्ली: एक समय पर देश भारत में जिस Tata Nano को खरीदने के लिए लोग बेताब थे, आज उसी टाटा नैनो को खरीदार नहीं मिल रहे हैं। जी हां साल 2009 में लॉन्च हुई टाटा नैनो का प्रोडक्शन साल 2018 के दिसंबर महीने से इस कार के एक भी यूनिट का प्रोडक्शन नहीं किया गया है और फरवरी से लेकर जून तक इस कार का एक भी यूनिट नहीं बिका है। इस हालत को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि लोगों को ये कार रास नहीं आई। तो चलिए जानते हैं कि आखिर किन कमियों की वजह से लोगों ने इस कार को रिकेक्ट कर दिया।

छोटा आकार: आपको बता दें कि इस कार का बजट कम रखने के लिए इसके आकार को छोटा रखा गया है जिसमें महज 4 लोग बैठ सकते हैं। लेकिन जब लोग इस कार में बैठते हैं तो उन्हें इसमें घुटन महसूस होती है क्योंकि इस कार में हाथ पांव सीधे करने की भी जगह नहीं मिलती है।

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इंजन का डायरेक्शन : आमतौर पर कार का इंजन आगे के हिस्से में होता है लेकिन इस कार में इंजन पीछे लगाया गया था। ऐसे में ये किसी ऑटो की तरह आवाज करता है साथ ही इसका असर अंदर बैठे हुए लोगों को पता चलता है।

छोटे व्हील्स : कार छोटी होने की वजह से इसके पहियों को भी छोटा रखा गया है लेकिन इसकी वजह से कार को कंट्रोल करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है और ये कार ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर चलाने में काफी दिक्कत देती है।

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कमज़ोर डिजाइन : इस कार को जिस तरह से डिजाइन किया गया है वो सटीक नहीं है। अगर इस कार में 4 लोग बैठ जाएं तो इसपर काफी जोर पड़ता है और साफ़ तौर पर ऐसा महसूस किया जा सकता है कि कार पर जोर पड़ रहा है। यही वजह है कि लोग इस कार को खरीदना नहीं पसंद नहीं कर रहे हैं।



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