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विदेशी धरती पर Northeast के इन दिग्गजों ने लहरा दिया है परचम


बात चाहे Mary Kom की हो या Saikhom Mirabai Chanu की, चाहे Baichung Bhutia की हो या फिर Hima Das की, पूर्वोत्तर राज्य पूरे देश में ही नहीं बल्कि विश्व में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गया है और इसका कोई एक सबूत नहीं है। आए दिन आपको सोशल मीडिया से लेकर अखबारों तक पूर्वोत्तर का नाम रोशन करने वाले जाबाज मिल जाएंगें। इसी कड़ी में आज हम आपके लिए लाए हैं ये खास खबर जिनमें हम उन प्रतिभाओं की बात करने जा रहे हैं जिन्होंने हाल ही में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय खेलों में सामने वाले को लोहे के चने चबवा दिए।हिमा दास( Hima Das)इस कड़ी में सबसे पहला नाम आता है लिस्ट की सबसे छोटी खिलाड़ी हिमा दास का। एक साल पहले तक हिमा दास की पहचान सिर्फ उनके मां बाप तक ही सीमित थी लेकिन अब वो किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। हर जुबान पर उनका नाम उसी रफ्तार से पहुंच चुका है जिस रफ्तार से वो दौड़ती हैं। 400 मीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अब उनके कदम रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं और आज महज दो हफ्ते के अन्दर उन्होंने पांचवा गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है।मीराबाई चानू (Saikhom Mirabai Chanu)अपने ही रिकार्ड्स तोड़ने वाली मीराबाई चानू का जज्बा देखते ही बनता है। हाल ही में मीराबाई ने महिलाओं के 49 किलो वर्ग में 191 किलो (84 प्लस 107) का वजन उठा कर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। अब यहां से मिले अंक 2020 टोक्यो ओलंपिक (2020 Tokyo Olympic) की अंतिम रैंकिंग में काफी मददगार साबित होंगे, लेकिन कायमाबी के जिस शिखर पर वो आज पहुंची हैं उसके पीछे उन्होंने कठियनाईयों की कई सीढ़ियां पार की हैं।लालरेमसियामी (Lalremsiami)22 जून को हुए भारत चिली मैच में चिली को 4-2 से हराकर टीम को फाइनल में पहुंचाने में सिआमी का बड़ा योगदान था। आपको बता दें कि इस जीत से भारत ओलंपिक में अपना नाम क्वालीफाई करने में सफल रहा है। भारतीय महिला हॉकी टीम की युवा फॉरवर्ड खिलाड़ी उस वक्त नजर में आई जब अपने पिता के निधन के बावजूद भी हिरोशिमा में FIH सीरीज के सेमीफाइनल और फाइनल मैच में 19 वर्षीय इस खिलाड़ी ने खेल जारी रखा। खिलाड़ी के इस फैसले की हर तरफ प्रशंसा की जा रही है। जेरेमी लालरिनुंगा (Jeremy Lalrinnunga)युवा ओलंपिक खेलों के स्वर्ण पदक विजेता जेरेमी लालरिनुंगा ने राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप के तीसरे दिन 3 रिकॉर्ड्स तोड़ डाले। 16 साल के जेरेमी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 67 किग्रा वर्ग की स्नैच श्रेणी में 136 किग्रा वजन उठाकर युवा विश्व, एशियाई और राष्ट्रमंडल रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए अपने नाम दर्ज करा लिए। इससे पहले युवा विश्व और एशियाई रिकॉर्ड जेरेमी के ही नाम थे जो उन्होंने अप्रैल में चीन के निंग्बो में 134 किग्रा वजन उठाकर अपने नाम दर्ज कराया थातो ये थे वो खिलाड़ी जिन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए सभी को पीछे छोड़ दिया और ये इनकी सुनहरी जीत से साबित हो गया है।

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