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बाढ़, भूकंप या किसी भी तरह की प्राकृतिक आपदा से वाहन को नुकसान होने पर ऐसे करें बीमा क्लेम

नई दिल्ली: भारत में मानसून ( monsoon ) का सीजन है, हमारे देश में कई ऐसे हिस्से हैं जहां मानसून में बाढ़ आना आम बात है। पिछले साल भी केरल ने बाढ़ ( Kerala flood )का सामना किया था जिसकी वजह से हजारों की संख्या में वाहन पानी में डूबकर खराब हो गए थे। आपको बता दें कि इन वाहनों की मरम्मत के लिए नए वाहन खरीदते समय थर्ड पार्टी बीमा के साथ अब ऑन डैमेज पॉलिसी खरीदना जरूरी नहीं होगा। बीमा नियामक इरडा ने 1 सितंबर से बीमा कंपनियों से ऑन डैमेज पॉलिसी अलग से देने को कहा है। यह पालिसी चारपहिया और दोपहिया वाहनों के लिए ली जा सकेगी। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत ये काम किया गया है।

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नई गाइडलाइंस के तहत अब आपको ऑन डैमेज पॉलिसी में भूकंप, बाढ़ और दंगों से वाहन को होने वाले नुकसान ( natural disaster ) पर भी कवर का विकल्प मिलेगा। नई गाइडलाइंस 1 सितंबर 2019 से जारी कर दी जाएंगी। लेकिन आप जब कोई वाहन खरीदते हैं तो आपको थर्ड पार्टी बीमा लेना पहले की तरह ही जरूरी होगा।

ऑन डैमेज पॉलिसी उसी वाहन मालिक को मिलेगी जिसके पास या तो पहले थर्ड पार्टी बीमा होगा। अभी लंबी अवधि के लिए ऑन डैमेज पॉलिसी अलग से नहीं मिल रही है। अगर वाहन मालिक के पास बंडल में थर्ड पार्टी के साथ ऑन डैमेज पॉलिसी है और 1 सितंबर 2019 के बाद उसका रिन्युअल होना है तो ऑन डैमेज वाले हिस्से को बंडल जारी करने वाली कंपनी या फिर किसी दूसरी कंपनी से रिन्यृ कराया जा सकेगा।

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बीमा कंपनी को करें सूचित

क्लेम फाइलिंग की प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण बीमा कंपनी को सूचना देना है। इसके बारे में बीमा कंपनी को सूचित करने में देर की कोई गुंजाइश नहीं होती है। अगर आपके पास बीमा के पेपर्स नहीं है फिरभी आप कंपनी को सूचित करके नाम बताकर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकते हैं।

आपको बीमा कंपनी को सीधे संपर्क करना चाहिए। इसके बाद एकनॉलेजमेंट कॉपी के साथ लिखित में एप्लिकेशन दें। अगर आपके इंश्योरेंस के कागजात गुम हो जाते हैं तो आप बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर सूचना दें। इसके बाद आपको कंपनी को वाहन के नुकसान के बारे में बताना होता है।

 

ऐसे करें मोटर इंश्योरेंस का क्लेम

याद रखें कि कार के पानी में फंस जाने पर उसके इंजन को स्टार्ट करने की कोशिश न करें। वैसे तो इंजन को नुकसान कार इंश्योरेंस पॉलिसी में कवर होता है। लेकिन, ड्राइवर उसे चालू करने की कोशिश करते हुए नुकसान पहुंचाता है तो पॉलिसी उसे कवर नहीं करती है। कार के पानी में फंसने की स्थिति में भी यह बात लागू होती है।

भूकंप से लेकर आग, सेंधमारी, भूस्खलन, दंगा होने या चोरी होने, तूफान, साइक्लोन किसी भी तरह से नुकसान होने पर कंपनी आपको क्लेम देगी। अगर आपकी गाड़ी से किसी और को किसी तरह का नुकसान होता है तो इसका खर्च भी बीमा कंपनी उठाएगी। कार ड्राइवर या मालिक को फिजीकल नुकसान या जान जाने पर- ऐसे हालात में बीमा कंपनी नुकसान के एवज में जुर्माना देने के लिए उत्तरदायी होती है।



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