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साइकिल से 15000 किमी घूमी भारत की ये बेटी, ना किसी ने छेड़ा और ना घूरा


भारत जैसे देश को महिलाओं के लिए एक ओर जहां असुरक्षित माना जाता है, यही नहीं, दिल्ली को तो विदेशों में भी रेप कैपिटल तक कहा जाता हैं, लेकिन हम आपको जो खबर पढ़ाने जा रहे हैं उसें पढ़कर आप चौंक जाएंगे। आज के समय में महिला सश्क्तीकरण भी एक ज्वलंत मुद्दा है। आज के इस आधुनिक युग और बदलते परिवेश में महिलाएं अपने आपको कैसा और कहां खड़ी मानती है, इसका जीता जागता उदाहरण है आंध्रपदेश की रहने वाली होनहार बेटी ज्योति रोंगाला। भारत की इस बहादुर बेटी ने भारतीय सड़कों पर महिलाओं की सेफ्टी को लेकर जो खुलासा किया है वो सबकी आंखे खोलने वाला है। आंध्र प्रदेश के दक्षिणी गोदावरी जिले की रहने वाली 35 वर्षीय ज्योति ने 2017 में एक संदेश के साथ अपना मिशन शुरू किया था कि भारतीय सड़कें महिलाओं के लिए कितने सुरक्षित हैं। इसी बात को परखने के लिए ज्योति ने अकेले ही बीड़ा उठाया और साइकिल पर सवार होकर अपनी चिर यात्रा पर निकल पड़़ी। इसके बाद कभी मुड़़कर पीछे नहीं देखने की शपथ ले चुकी ज्योति देश के 18 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों की सड़कों की खाक छान चुकी है।हाल ही में ज्योति अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग जिले के पासीघाट पहुंची, यहां उन्होंने साइकिल की सवारी लंबी सवारी करके गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में अपना नाम दर्ज कराने के उद्देश्य से अवगत कराया। ज्योति रॉक क्लाइम्बिंग भी करती है इसी के एक प्रोग्राम में वो दुर्घटना की शिकार हो गई थीं। लेकिन यह दुर्घटना उसके आत्मविश्वास और लगन को कम नहीं कर सकी और उन्होंने देश के 18 राज्यों में अपनी अनूठी यात्रा करना जारी रखा।ज्योति साइकिल से प्रतिदिन 100 किलोमीटर की दूरी तय कर​ती है। अपने इस कठिन मिशन के लिए भारत की इस बेटी ने किसी तरह की सरकारी सुविधाएं नहीं ली। पेशे से पर्वतारोही प्रशिक्षक रोंगला का कहना है पूर्वोत्तर और अरुणाचल प्रदेश के लोगो की मेहमाननवाजी काबिले तारीफ है। विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली ज्योति 30000 किलोमीटर की दूरी तय करके नया कीर्तिमान स्थापित करना चाहती है।पैसे का अभाव और किसी का साथ न मिलने के बावजूद अपनी यात्रा अनवरत जारी रखने वाली ज्योति मंदिरो या सार्वजनिक स्थानों पर रूक कर भोजन करती है। लेकिन इसमें सबसे चौंकाने वाली बात ये सामने आई कि खुद ज्योति ने यह खुलासा किया अभी तक वो 15000 किलोमीटर की यात्रा कर चुकी है। इस दौरान सुनसान से लेकर भारी भीड़भाड़ वाले रास्तों से भी गुजरी। लेकिन उन्हें किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या अत्याचार का सामना नहीं करना पड़ा। ज्योति का कहना है कि इससे ये सिद्ध होता है कि भारतीय सड़कें महिलाओं के लिए भी उतनी ही सुरक्षित है जितनी की पुरुषों के लिए। उन्होंने डच कपल के उस आरोप को भी झुठला दिया जिनमें उन्होंने कहा था कि भारत महिलाओं के लिए किसी रेपिस्ट देश से कम नहीं।डच कपल की इसी बात को परखने के लिए ज्योति बिहार के चंबल जैसे खतरनाम माने जाने वाले स्थान से भी अकेले ही गुजरी, लेकिन उनको किसी ने टच करना तो दूर गंदी नजरों तक से नहीं देखा। ज्योति अब अरुणाचल प्रदेश समेत अन्य पहाड़ी इलाकों वाले पूर्वोत्तर राज्यों जैसे मेघालय, मणिपुर, नागालैंड से होते भारत के अन्य भागों की यात्रा के लिए अनवरत रूप से यात्रा कर रही है। ज्योति अपना 30000 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने का मिशन 2020 तक पूरा करना चाहती है।

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