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मेघालय की ये शानदार जगहें किसी जन्नत से कम नहीं, पर्यटकों की पहली पसंद मानी जाती है ये जगहें


प्राकृतिक सौंदर्य में पूर्वोत्तर का मेघालय राज्य काफी समृद्ध है। इसकी राजधानी शिलांग देश-विदेशी पर्यटकों के लिए पहली पसंद रहती है। पूर्वोत्तर का स्काटलैंड कहे जानेवाले शिलांग की दूरी गुवाहाटी से करीब 132 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां से शिलांग चार घंटे में पहुंचा जा सकता है। शिलांग पहुंचकर पोलो ग्राउंड्स का नजारा मन मोह देनेवाला है। यहां पर तीर नाम की एक प्रतियोगिता होती है, इसके बाद यहां के मुख्य बाजार का शाम का नजारा देखने लायक होता है। मेघालय यात्रा के दूसरे दिन शिलांग के आसपास की जगहों को देख सकते हैं। अगर किसी को इतिहास में थोडी़ भी रूचि है तो वे यहां के विलियमसन संगमा स्टेट म्यूजियम घूम सकते हैं। इसके अलावा अगर कोई प्रकृति का लुत्फ उठाना चाहे तो शहर के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन प्वाइंट वार्ड लेक घूम सकते हैं।साथ ही शिलांग में कई चर्च मौजूद हैं, जो यहां की सुंदर वास्तुकला को दर्शाते हैं। शिलांग से लगभग 25 किलमीटर की दूरी पर मावफ्लांग स्थित मावफ्लांग सैक्रेड फॉरेस्ट है, जिसे लॉ लिंग्दोह भी कहा जाता है, को देखा जा सकता है। यह एक नैसर्गिक दृश्य वाला पवित्र वन है। यह स्थान यहां के आदिवासियों के लिए पूजनीय है । मेघालय यात्रा के तीसरे दिन नार्टियांग के मोनोलिथ को देखना ना भूलें। यह जगह शिलांग से तीन घंटे की दूरी पर स्थित है। यहां पर जयंतिया राजाओं के ग्रीष्मकालीन महल के अवशेष देखने को मिलते हैं और देवी दुर्गा का एक प्रसिद्ध मंदिर भी है। यात्रा के चौथे दिन चेरापूंजी घुमा जा सकता है। दुनिया में सबसे अधिक बारिश यहीं पर होती है। उससे भी अधिक आकर्षक यहां ट्रैक इन पुलों तक ले जाता है। इसके अलावा मौलित्रोंग की खासी बस्ती भी देखने लायक है, जिसे एशिया का सबसे स्वच्छ गांव माना जाता है। यात्रा के पांचवें दिन उमियम लेक घूम सकते हैं। इसके बाद वापसी के लिए बाहरी पर्यटक गुवाहाटी से ही टिकट बुक करा सकते हैं ताकि वे अपना पूरा दिन शहर में बिता सकें। चेरापूंजी से गुवाहाटी लगभग चार घंटे की दूरी पर है इस दौरान उमियम झील भी घूमी जा सकती है। कभी मौका मिले तो गवाँए नहीं, ये मेघायल का ट्रिप आपकी जिंदगी का सबसे खास प्रकृति में बिता वक्त होगा जो आपको इन वादियों के करीब गहरी सुकुन भारी राहत देता है। के जीवित पेड़ों की जड़ों से निर्मित पुल हैं। यात्रा के पांचवें दिन उमियम लेक घूम सकते हैं। इसके बाद वापसी के लिए बाहरी पर्यटक गुवाहाटी से ही टिकट बुक करा सकते हैं ताकि वे अपना पूरा दिन शहर में बिता सकें। चेरापूंजी से गुवाहाटी लगभग चार घंटे की दूरी पर है इस दौरान उमियम झील भी घूमी जा सकती है। कभी मौका मिले तो गवाँए नहीं, ये मेघायल का ट्रिप आपकी जिंदगी का सबसे खास प्रकृति में बिता वक्त होगा जो आपको इन वादियों के करीब गहरी सुकुन भारी राहत देता है।

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