सीएम खांडू दे सकते हैं इस्तीफा, राष्ट्रपति शासन लगाने पर भी विचार

अरुणाचल प्रदेश में अब भी तनाव के हालात बने हुए हैं। राजधानी ईटानगर में कानून और व्यवस्था की स्थिति को बहाल करने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की 6 कंपनियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा धारा 144 भी लागू कर दी गई है। बता दें कि 6 आदिवासी समुदायों को स्थायी निवासी प्रमाण पत्र (PRC) देने के प्रस्ताव के खिलाफ बुलाए गए बंद के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में लोग सड़क पर उतर आए । इस दौरान पुलिस की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने राज्य के उप मुख्यमंत्री चौना मेन के घर को आग के हवाले कर दिया। हालात को देखते हुए चौना मेन को ईटानगर से नामासाई जिले में शिफ्ट किया गया है। इस बीच जो सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है उसके मुताबिक राज्य में हालात को नियंत्रण में लाने के लिए मुख्यमंत्री पेमा खांडू अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं यहीं नहीं राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने पर विचार किया जा रहा है। तनाव वाले क्षेत्र में कोई भी वीआईपी मुवमेंट नहीं हो रहा है। वहीं डर के कारण लोग घर के अंदर ही रह रहे हैं। सीएम पेमा खांडू के आवास पर भी लोगों ने हमला बोल दिया जिसके बाद सेना ने जवाब में फायरिंग की है। हिंसा को देखते हुए राज्य सरकार ने पीआरसी के संबंध में आगे कोई कार्रवाई नहीं करने का निर्णय लिया है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने इस पूरे हिंसा के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कांग्रेस पर अरुणाचल प्रदेश के लोगों को हिंसा के लिए उकसाने का आरोप लगाया। रिजिजू ने यह भी कहा कि अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार पीआरसी पर बिल नहीं ला रही है, लेकिन केवल नबाम रेबिया की अगुवाई वाली संयुक्त हाईट पावर्ड कमेटी की रिपोर्ट को पेश कर रही है।इसका मतलब ये है कि राज्य सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया है। वास्तव में, कांग्रेस पीआरसी के लिए लड़ रही है लेकिन लोगों को गलत तरीके से उकसा रही है। बता दें कि रेबिया राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।शनिवार को पुलिस की गोलीबारी में एक शख्स की मौत पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी दुख जताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य में शांति लौट आएगी। बता दें कि अरुणाचल प्रदेश सरकार ने इस बात की घोषणा की थी कि वह नामसाई और चांगलांग जिलों में 6 समुदायों को स्थायी निवासी प्रमाण पत्र जारी करने पर विचार कर रही है। इसके बाद राज्य के कुछ हिस्सों में लोगों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इसके बाद हालात बेकाबू हो गए और शहर में कर्फ्यू लगाना पड़ा। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर अरुणाचल प्रदेश के लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है। इस बाबत गृह मंत्री राजनाथ ने अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू से भी बात की और प्रदेश की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इसके बाद गृह मंत्रालय ने ट्वीट किया, ‘राजनाथ सिंह ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू से फोन पर बात की और राज्य के कुछ हिस्सों में चल रहे विरोध प्रदर्शन और स्थिति पर चर्चा की।
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