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अद्भुत है ये ट्रेन, दो दिन में एक हजार लोगों को दिया नया जीवन, जानिए कैसे


भले ही प्लेस ऑन व्हील, दुनिया की सबसे महंगी और लग्जरी ट्रेन है, लेकिन भारत में एक ऐसी ट्रेन भी चलती है जिसका इंतजार देश के हर नागरिक को रहता है। यह ट्रेन है, लाइफ लाइन एक्सप्रेस, यानि चलता-फिरता अस्पताल। जिसे हॉस्पीटल ट्रेन के नाम से भी जाना जाता है। लाइफ लाइन एक्सप्रेस देश के विभिन्न राज्यों से गुजरती हुई त्रिपुरा पहुंची है। यहां पहुंचने पर लाइफ लाइन एक्सप्रेस के डॉक्टरों ने पहले दिन 400 और दूसरे दिन 600 मरीजों का इलाज किया गया। यह ट्रेन अभी नॉर्थ त्रिपुरा जिले के चुराईबारी रेलवे स्टेशन पर खड़ी है। यह ट्रेन यहां 6 जनवरी तक खड़ी रहेगी और स्थानीय मरीजों को इलाज किया जाएगा।लाइफ लाइन एक्सप्रेस के ज्वाइंट डायरेक्टर अनिल प्रेमसागर ने बताया कि हमलोगों ने 2 दिनों में 1000 मरीजों का इलाज किया। यहां डॉक्टरों ने मरीजों की जांच की, दवाइयां दी और एडवांस सर्जिकल ट्रीटमेंट दिया। उन्होंने बताया कि गुरुवार को 77 मोतियाबिंद रोगियों का ऑपरेशन किया जाएगा। प्रेमसागर ने बताया कि हमलोग आंखों का इलाज और ऑपरेशन, प्लास्टिक सर्जरी, ओर्थोपेडीक सर्जरी के साथ-साथ ओरल, ब्रेस्ट और सर्विकल कैंसर का भी इलाज लाइफ लाइन एक्सप्रेस में कर रहे हैं। बता दें कि लाइफ लाइन एक्सप्रेस की शुरूआत इम्पेक्ट इंडिया फाउंडेशन(आईआईएफ), भारतीय रेलवे और स्वास्थ मंत्रालय के पार्टनरशिप के तहत जुलाई 1991 में की गई थी। यह विश्व का ट्रेन पर पहला हॉस्पीटल है। इस ट्रेन में मेडिकल की सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। जिससे मरीजों को ऑन स्पॉट ऑपरेशन की सुविधा भी मिलती है। इस ट्रेन का उद्देश्य ग्रामीण भारत के मरीजों का इलाज करना है। इस ट्रेन की शुरूआत 3 कोच से की गई थी जिसमें अब 7 कोच हैं। प्रेम सागर ने बताया कि इस हॉस्पीटल ट्रेन में 1991 से 20 राज्यों के 184 जिलों में 10 लाख से ज्यादा मरीजों का इलाज किया जा चुका है। यह दुनिया की ऐसी पहली ट्रेन है, जिसमें अस्पताल है और कई असाध्य रोगों की सर्जरी भी ट्रेन में की जाती है।

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