Shocking! 2019 से नहीं दिखेगी ऑल्टो, जानें इसके पीछे की वजह
नई दिल्ली: मारुति की आल्टो 800को अगर देश की कार घोषित कर दिया जाए तो गलत नहीं होगा। मारुति की इस कार ने देश के न जाने कितने लोगों का कार वाला सपना पूरी किया है और न जाने कितनी बार महंगी लग्जरी कारों को पछाड़ते हुए नंबर वन का दर्जा हासिल किया है । लेकिन अब आम आदमी की ये कार सड़क पर सिर्फ चंद दिनों की मेहमान है।
दरअसल कंपनी अब इस कार के प्रोडक्शन को बंद करने जा रही है। 2012 में मारुति 800 के फेसलिफ्ट वर्जन के तौर पर इसे लॉन्च किया गया था जिसके बाद से लगातार इस कार का प्रोडक्शन किया जा रहा था। मारुति की यह कार भारत की बेस्ट सेलिंग कारों में से एक है। हालांकि कंपनी इसे BS6 इंजन के साथ 2020 में दोबारा लॉन्च करने पर विचार कर रही है। दरअसल, मारुति सुजुकी कंपनी अब भारत के नए एमिशन नॉर्म्स के तरह कारों के निर्माण करने पर विचार कर रही है जिसमें सभी कारों के इंजन को BS6 कंपाइलेंट बनाया जाएगा। इसलिए कंपनी अब अपनी कारों के पुराने मॉडल के प्रोडक्शन को बंद करने जा रही है।
इस वजह से बंद हो रही है ये कार-
कार कंपनियों के लिए पुराने मॉडल की कारों को फ्युचर स्टैंडर्ड ( नए एमिशन और सेफ्टी नियम) के अनुसार डिजाइन करना एक चुनौतीपूर्ण काम है जिसमें कारों को फिर से डिजाइन करना होता है जिसमें काफी सारा समय और पैसा लगता है। कार में ABS और एयरबैग्स जैसे फीचर्स को जोड़ने के लिए कार दोबारा से डिजाइन करना पड़ता है जिसमें काफी ज्यादा समय लगता है इसके एवज में नए मॉडल बनाना आसान है।
मारुति सुजुकी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट दीपक सावकर ने कहा की मारुति सुजुकी के पुराने मॉडल जो भारत के नए एमिशन नॉर्म को फॉलो नहीं करते उनका प्रोडक्शन बंद कर दिया जाएगा। ऐसा ही फैसला मारुति ओमनी और जिप्सी के लिए भी लिया गया है जिनका प्रोडक्शन बंद होने जा रहा है। सावकर ने आगे बताया कि कंपनी के 60 प्रतिशत प्रोडक्ट भारत के न्यू व्हीकल सेफ्टी असेसमेंट प्रोग्राम (BNVSAP) को फॉलो करते हैं।
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