#MeTooः निशा बोरा के बाद इस महिला ने नंदिता दास के पिता पर लगाया आरोप

संरक्षणवादी कार्यकर्ता निशा बोरा के बाद एक आैर महिला ने ऐक्ट्रेस और फिल्ममेकर नंदिता दास के पिता जतिन दास पर यौन शोषण का आरोप लगाया हैं। महिला ने सोशल मीडिया के जरिए घटना के बारे में जानकारी दी। पोस्ट के मुताबिक 2013 में जब महिला जतिन दास के अंडर इंटर्न थी तब उसका यौन उत्पीड़न किया गया। गरुषा कटोच नाम की महिला ने ट्विटर पर अपनी कहानी शेयर करते हुए बताया, दिसंबर 2013 में मैं 20 साल की थी और इंटर्नशिप की तलाश में थी। मुझे पता चला कि जेडीसीए में इंटर्न की जगह थी। इसके लिए मैंने टेस्ट दिया और पास हो गई। काम के पहले दिन मैं जतिन दास के स्टूडियो ऑफिस पहुंची जहां सिर्फ 5 या 6 इंटर्न काम कर रहे थे। जतिन दास शाम को आए और मुझे अपने काम के बारे में समझाया। अपने दोस्त के साथ मैं रात करीब 8 बजे घर के लिए निकल गई।दूसरे दिन जतिन दास ने मुझे अपने पास वाली सीट पर बैठा लिया इससे मैं बाकी इंटर्न्स से अलग हो गई। सिगरेट पीते हुए उन्होंने मुझसे कहा, मैं बहुत ज्याद स्मोक करता हूं ना? अगली बार मुझे रोक देना। यह सुन मुझे अजीब सा लगा। शाम को करीब 5 बजे सभी इंटर्न चले गए लेकिन जतिन दास ने मुझे और काम दिया जिसे पूरा करते-करते 8 बज गए। एक सीनियर ने मुझे घर छोड़ने का ऑफर दिया तो मैंने सामान पैक किया और उनके साथ ऑफिस से चली गई। गरुषा ने तीसरे दिन उनके साथ हुई घटना और उसके कारण उनकी जिंदगी पर हुए असर के बारे में भी बताया। तीसरे दिन मैं बहुत अजीब सी फीलिंग्स के साथ उठी और खुद को मानो घसीटते हुए ऑफिस पहुंची। जतिन ऑफिस पर नहीं थे इसलिए दिन आराम से कट रहा था, लेकिन शाम को वह वापस आए और आते ही मुझे काम दे दिया। इस वजह से एक बार फिर सभी इंटर्न 5:30 तक चले गए लेकिन मैं काम करती रही। करीब 7:30 या 8 बजे सीनियर भी चले गए जिसके बाद मैं बहुत बेचैन महूसस करने लगी। मैंने अपना पूरा काम समेटा और टेबल पर रख दिया। इस बीच जतिन दास मुझसे बात करने लगे, मैंने उन पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि क्या मैं संजोग के बारे में जानती हूं? वह मुझसे कहने लगे कि कैसे उनका और मेरा मिलना संजोग है और मैं कितनी मेहनत करती हूं।महिला ने आगे बताया कि वह जब बैग लेकर दरवाजे की ओर पहुंची तो जतिन ने दरवाजा बंद कर दिया और कहा कि वह उन्हें स्टूडियो दिखाएंगे। पहली जॉब होने के कारण गरुषा को समझ नहीं आया कि वह क्या कहें। इसके बाद वह विस्की पीने लगे और उनसे मेकअप और ब्यूटी पर बात करने लगे। इसके बाद उन्होंने अचानक गरुषा से उनके साथ रुकने के लिए कहा और इस बात पर जोर दिया कि वह उनके माता-पिता से बात कर लेंगे। जतिन ने मुझसे कहा कि मेरे पास एक खाली कमरा है। अपने पैरंट्स को बता दो कि तुम मेरे साथ रुकोगी। इसके बाद वह मुझे मेरा दिन भर का शेड्यूल बताने लगे कि कैसे मैं सुबह उनके साथ नाश्ता करूंगी, दोनों साथ में काम पर आएंगे, वह मुझे म्यूजियम ले जाएंगे और मेरी पहचान बढ़ाएंगे।
गरुषा ने आगे बताया कि इसके बाद जतिन दास ने उन्हें घर छोड़ने के लिए कहा। उस समय चूंकि ओला-उबर जैसी व्यवस्था नहीं थी इसलिए उनके पास जतिन के साथ जाने के अलावा और कोई रास्ता नहीं था। रास्ते में उन्होंने ड्राइवर को उनके घर ले जाने को कहा, जहां उन्होंने गरुषा से रूम देखने को कहा। डरते हुए गरुषा ने रूम देखा और बाहर आ गईं इस बीच जतिन ने उन्हें पकड़ा और किस करने की कोशिश की। गरुषा ने बताया कि वह बहुत डरी हुई थीं और उनकी आंखों में आंसू आ गए थे। इसके बाद वह घर से पहले ही जतिन की गाड़ी से उतर गईं और अपने सीनियर को सारी बात बताई। घटना से उबरने के लिए गरुषा ने दिल्ली छोड़ दिया और अपना नंबर तक बदल दिया।अंत में उन्होंने कहा कि वह पांच साल बाद यह इसलिए बता रही हैं ताकि अगर और किसी के साथ ऐसा हुआ हो तो वह भी हिम्मत से काम ले और खुलकर सामने आए। साथ ही उन्होंने दूसरों को इस तरह का व्यवहार नहीं झेलने की भी बात कही। आपको बता दें कि एलरहिनो पेपर की सह संस्थापक निशा बोरा ने मंगलवार को जतिन पर आरोप लगाया था। बोरा ने बताया था कि 2004 में जतिन ने उन्हें जबरन किस करने की काेशिश की थी।Jatin Das: Renowned painter, Padma Bhushan recipient and someone who tried to take advantage of me when I was 20. 5 years too late but it’s about time I speak up. @NishaBora thank you for speaking up. #MeToo pic.twitter.com/PgheXFOy5R
— Garusha Katoch (@GarushaK) October 16, 2018
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