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आधार की अनिवार्यता पर SC का फैसला, जानिए कहां जरूरी और कहां नहीं


आधार की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर अहम फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि आधार निजता के मौलिक अधिकार का उल्‍लंघन नहीं करता है। कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी साफ कर दिया कि आधार कहां जरूरी है और कहां जरूरी नहीं है। शीर्ष अदातल ने अहम फैसला देते हुए ये भी साफ कर दिया है कि अब बैंक खातों, मोबाइल ऑपरेटर्स या फिर सरकारी योजनाओं में आधार कार्ड अब जरूरी नहीं होगा। तो आइए जानते हैं अब कहां जरूरी होगा आधार और कहां नहीं... इन चीजों के लिए जरूरी है आधार-पैन कार्ड बनाने और आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए आधार नंबर जरूरी। -सरकार की लाभकारी योजना और सब्सिडी का लाभ पाने के लिए आधार कार्ड जरूरी होगा। कहां नहीं जरूरी -सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ किया कि मोबाइल सिम, बैंक अकाउंट के लिए आधार जरूरी नहीं है। -सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि स्कूल में ऐडमिशन के लिए आधार जरूरी नहीं। -सीबीएसई, नीट और यूजीसी की परीक्षाओं के लिए भी आधार जरूरी नहीं। -सीबीएसई, बोर्ड एग्जाम में शामिल होने के लिए छात्रों से आधार की मांग नहीं कर सकता है। -14 साल से कम के बच्चों के पास आधार नहीं होने पर उसे केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा दी जाने वाली जरूरी सेवाओं से वंचित नही किया जा सकता है। -टेलिकॉम कंपनियां, ई-कॉमर्स फर्म, प्राइवेट बैंक और अन्य इस तरह के संस्थान आधार की मांग नहीं कर सकते हैं। फैसले के दौरान कोर्ट ने क्या कहा-आधार आम लोगों के हित के लिए काम करता है और इससे समाज में हाशिये पर बैठे लोगों को फायदा होगा। -आधार डेटा को 6 महीने से ज्यादा डेटा स्टोर नही किया जा सकता है। 5 साल तक डेटा रखना बैड इन लॉ है। -सुप्रीम कोर्ट ने आधार ऐक्ट की धारा 57 को रद्द करते हुए कहा कि प्राइवेट कंपनियां आधार की मांग नहीं कर सकतीं। -आधार पर हमला संविधान के खिलाफ है। इसके डुप्लिकेट होने का कोई खतरा नहीं। आधार एकदम सुरक्षित है। -लोकसभा में आधार बिल को वित्त विधेयक के तौर पर पास करने को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया।

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