Rajasthan का ऐसा महल, जो सूरज की किरणें पड़ते ही बन जाता है सोने का, देखें वीडियो

जैसलमेर राजस्थान के सबसे खूबसूरत शहरों में से एक है। थार मरुस्थल के कारण इसे पर्यटन का सबसे आकर्षक स्थल माना जाता है। जैसलमेर का ये गौरवशाली दुर्ग त्रिभुजाकार पहाड़ी त्रिकूट पर स्थित है। किले के चारों ओर परकोटे पर तीस-तीस फीट ऊँची 99 बुर्जियां बनी हैं, जो इसकी सुरक्षा को और पुख्ता करती हैं। जैसलमेर दुर्ग और इसमें स्थित सैंकड़ों आवासीय भवन पीले पत्थरों से निर्मित हैं। जब सूर्य की पहली किरण इस पर पड़ती है, तब पूरा दुर्ग स्वर्णिम आभा बिखेरता है। इसलिए किले को सोनार किला या गोल्डन फोर्ट के नाम से भी जाना जाता है। अन्य वैष्णव मंदिरों के अलावा किले में कई जैन मंदिर हैं, जो स्थापत्य एवं शिल्प कला के बेजोड़ नमूने हैं। जैसलमेर का किला 1156 ई. में बना था। इसमें बारह सौ घर हैं। बता दें कि सोनार दुर्ग ही वह दुर्ग है, जिसने कई हमले झेले। 11वीं सदी से लेकर 18वीं सदी तक किले पर गौरी, खिलजी, फिरोजशाह तुगलक और ऐसे ही दूसरे मुगलों ने भीषण हमले किए। ऐसा कहा जाता है कि 1661 से 1708 ई. के बीच यह दुर्ग नगर समृद्धि के चरम शिखर पर पहुंच गया। व्यापारियों ने यहां स्थापत्य कला में बेजोड़ हवेलियों का निर्माण कराया तो हिन्दू, जैन धर्म के मंदिरों की आस्था का भी यह प्रमुख केंद्र बना।
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