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हनीमून बनाइए और भी Romantic, बादलों के बीच बिताइए खास पल


अगर आप भी प्रकृति प्रेमियों हैं तो आपके लिए चेरापूंजी घूमना शानदार विकल्प हो सकता है । चेरापूंजी भारत के उत्तरपूर्वी राज्य मेघालय का एक छोटा शहर है जो शिलौंग से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह स्थान दुनियाभर में सब से ज्यादा बारिश के लिए जाना जाता हैय़ यहां के स्थानीय लोग इसे ‘सोहरा’ नाम से जानते हैं। अगर आप दिसंबर से फरवरी के बीच में जाते हैं तो हो सकता है आप को झरने में पानी न दिखे, इसलिए यहां हमेशा बारिश के बाद सितंबर से नवंबर के महीने में जाएं। इस समय इस की खूबसूरती देखते ही बनती है कोहरे से निकलते बादलों की नम हवा ऐसा महसूस कराती है मानो आप आसमान में हैं. झरने से गिरता पानी और आसपास का दृश्य पूरी तरह से आप को रिलैक्स करने वाला होता है आप सोच रहे होंगे कि बारिश के अलावा यहां ऐसा क्या खास है कि पर्यटक यहां घूमने आते हैं। दरअसल, चेरापूंजी में बारिश के अलावा यहां की प्राकृतिक खूबसूरती झरने और गुफाएं पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। शिलांग से चेरापूंजी की ओर जाते समय रास्ते में हलकी चढ़ाई, दोनों ओर पहाड़, 2 पहाड़ों के बीच की घाटियां, अनन्नास के पेड़, सुंदर पत्तियों वाले पेड़ और किस्मकिस्म की वनस्पतियां पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर खींचती हैं। यहां जाने के लिए आपको गुवाहाटी तक ट्रेन या फ्लाइट से जाना होगा, क्योंकि शिलांग और चेरापूंजी तक ना ट्रेन जाती है और ना ही फ्लाइट। लेकिन गुवाहाटी से शिलांग के लिए लगातार साधन उपलब्ध रहते हैं इसलिए आसानी से वहां पहुंचा जा सकता है।

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