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इस हफ्त सबसे बड़ा फेरबदल करने वाले हैं पीएम मोदी, सिंधिया को फोन कर दिल्ली बुलाया


मोदी सरकार का बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार इसी हफ्ते हो सकता है। संभावित मंत्रियों के पास भाजपा नेतृत्व से फोन भी जा चुके हैं। मध्य प्रदेश के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया फोन आने के बाद साढ़े तीन बजे इंदौर से फ्लाइट पकड़कर दिल्ली रवाना हो चुके हैं। इसी तरह असम के पूर्व मुख्यमंत्री सबार्नंद सोनोवाल के भी दिल्ली बुलाए जाने की खबर है। हालांकि, कैबिनेट विस्तार के तिथि और समय को लेकर अभी भाजपा नेतृत्व या पार्टी की तरफ से कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन 73 वर्षीय कैबिनेट मंत्री थावरचंद गहलोत को राज्यपाल बनाए जाने के बाद कैबिनेट विस्तार तय माना जा रहा है। इस लिहाज से सियासी गलियारे में बुधवार के दिन को बेहद अहम माना जा रहा है।भाजपा से जुड़े एक नेता ने बताया कि हिमाचल दौरा खत्म कर जेपी नड्डा आज सायं दिल्ली पहुंचेंगे। कैबिनेट विस्तार के मसले पर सायं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और कुछ अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठक कर सकते हैं। भाजपा के एक नेता ने बताया, ज्योतिरादित्य सिंधिया का मध्य प्रदेश के देवास और इंदौर में मंगलवार की रात तक कार्यक्रम पहले तय था, लेकिन दिल्ली से फोन कॉल आने के बाद वह उज्जैन महाकाल का दर्शन करने के बाद इंदौर से 3:30 की फ्लाइट से दिल्ली रवाना हुए। मध्य प्रदेश में कांग्रेस के विधायकों को तोडकऱ शिवराज सिंह की भाजपा सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले सिंधिया का मंत्री बनना तय बताया जा रहा है।सूत्रों का कहना है कि जदयू ने केंद्र में दो कैबिनेट, दो राज्य मंत्री यानी कुल चार मंत्रियों के पद मांगे हैं। सूत्रों का कहना है कि जदयू से सांसद आरसीपी सिंह और राजीव रंजन लल्लन का नाम आगे चल रहा है। 2019 में मोदी सरकार बनने के बाद एनडीए सहयोगी जदयू कोटे से एक भी मंत्री नहीं है। बिहार से एलजेपी नेता पशुपति पारस भी मंत्री बन सकते हैं। 2022 के चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश से चार मंत्री बनाए जा सकते हैं। इसमें कुर्मी वोटों के मद्देनजर अपना दल मुखिया अनुप्रिया पटेल भी मोदी सरकार में जगह पा सकतीं हैं। पिछली मोदी सरकार में अनु्प्रिया पटेल मंत्री रह चुकीं हैं। उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों की कथित नाराजगी को लेकर किसी ब्राह्मण चेहरे को भी मंत्री बनाया जा सकता है। पिछली सरकार में मंत्री रहे शिवप्रताप शुक्ला को फिर मौका मिल सकता है। हालांकि, रमापति राम त्रिपाठी, हरीश द्विवेदी, रवि किशन, जितिन प्रसाद का नाम दावेदारों में चल रहा है। उत्तर प्रदेश के दलित नेता रामशंकर कठेरिया या विनोद सोनकर में से किसी एक को मोदी सरकार में जगह मिल सकती है।

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